गर्भवती होने के लिए क्या करे घरेलू उपाय गाइड लक्षण

    garbh dharan karne ke upay hindi me हर महिला के लिए माँ बनना एक खास अनुभव और अच्छा एहसास होता है लेकिन बहुत सी महिलाए आसानी से गर्भधारण यानि माँ  नहीं बन पाती अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो इसके कुछ कारण हो सकता है जैसे महावारी आने मे दिक्कत, उम्र अधिक हो जाने के कारण, शरीर से संबन्धित किसी प्रकार की बीमारी के कारण, इस तरह की समस्या होने पर कई ओरतों को माँ बनने मे दिक्कत होती है साथ ही अगर महिला को किसी गुप्त तरह का रोग है तो भी गर्भधारण मे समस्या हो सकती है माँ न बन पाना और गर्भधारण न कर पाना इसके कई कारण हो सकते है आगे जाने गर्भवती होने के लिए क्या करे घरेलू उपाय गाइड.

    garbh dharan karne ke upay hindi me

    गर्भवती होने के लिए क्या करे ?

    प्रेगनेट होने के लिए पति पत्नी कोशिश करते है मगर एक के बाद एक मौका मिस हो जाता है ऐसे होने पर अधिकतर लोग निराश हो जाते है साथ ही तनाव महसूस करने लगते है | कई बार देखा गया है कुछ पति पत्नी जल्द से जल्द बिना परेशानी के माँ बनना चाहती है तो ऐसे लोगो को भी निराश होना पड़ सकता है | अब आप यह सोच रहे होंगे क्या ऐसा किया जाए या ऐसे कौन से तरीके आजमाए जिससे आप जल्द जल्द से प्रेगनेट हो जाए या माँ बन जाए जिससे आपको माँ बनने की खुशी प्राप्त हो जाए 

    अगर आपकी चाहत है की आप प्रेग्नेट [ गर्भधारण ] हो जाए तो सबसे पहले आप अपने स्वास्थ का पूरा ख्याल रखे और अपने जीवन शैली खान पान का पूरा ख्याल रखे साथ ही मासिक धर्म के अनुसार ही पति पत्नी एक दूसरे के साथ मिलने की प्रक्रिया करे | गर्भधारण होने के लिए आगे जाने उपाय तरीके टिप्स


    जब महिला के मासिकधर्म आते है उसी समय महिला के गुप्त अंगो मे ही अंडा बनना शुरू हो जाता है | बड़े बुजुर्गो का कहना है जब महिला के मासिक धर्म स्टार्ट रहते है उस समय पुरुष के साथ बिना किसी सुरक्षा हमबिस्तर नहीं होना चाहिए क्योकि यह आपको माँ या प्रेगनेंट कर सकता है | जिस अंडे की हम बात कर रहे है वह मासिक धर्म के दिन से लेकर पुर 14 दिन तक रहता है उसके बाद अंडा फुट जाता है तो अब आप समझ सकते है कौन सा समय आपको प्रेग्नेंट करने का उचित रहेगा | हम आपको यही कहेंगे कि मासिक धर्म दिन से लेकर अधिक 14 दिन तक पति पत्नी को एक दूसरे के साथ रहना चाहिए अगर आप प्रेग्नेंट होना चाहती है |

    अगर आप डॉक्टर के पास जाए तो वह आपको यह परामर्श जो हमने बताया वह जरूर देते है तो अगर आपने इन दिनो मे ट्राइ नहीं किया तो इन दिनो मे भी कोशिश जरूर करे

    गर्भवती होने के लिए घरेलू उपाय गाइड

    • यह समय तब शुरू होता जब महिला के माहवारी के साथ दिन बीत जाते है और यह महिला के पीरियड आने के 7 दिन पहले तक रहती है इसी समय को ओवुलेशन साइकिल कहते है इस ओवुलेशन साइकिल के दौरान पति पत्नी को वह क्रिया जरूर करनी चाहिए जिससे एक महिला प्रेग्नेंट हो सकती है | ऐसे समय मे माँ बनने के चांस अधिक होते है  इस समय चक्र को फर्टाइन स्टेज के नाम से भी जाना जाता है | तो आप अपने ओवुलेशन साइकिल का ध्यान जरूर रखे और सके तो डॉक्टर से भी परामर्श जरूर ले
    •  प्रेग्नेंट होने के लिए सुबह का समय उपरोक्त माना जाता है | अच्छी नींद के बाद इंसान अपने आपको सबसे ज्यादा फ्रेश ताजा महसूस करता है तो इस समय को फाइदा ले और एक दूसरे के साथ मिले | इस तरह से माँ बनने के चांस अधिक हो जाते है एक बात का ख्याल जरूर रखे कि आप दोनों को पूरी तरह से एक दूसरों को संतुष्ठ करे कई लोगो को इस कारण भी गर्भधारण मे समस्या देखेने को मिला है | इससे शुक्राणु पर असर जाता है जिससे प्रेग्नेंट होने मे आसानी हो जाती है
    • वजन बढ्ने से महिलाए कई प्रकार के रोग से ग्रसित हो जाती है जिसमे से एक समस्या गर्भधरण की भी हो सकती है इसलिए आप अपने वजन को कंट्रोल मे रखे जिससे आप जल्द जल्द गर्भधारण कर पाए
    • यह सब उपाय आज़माते रहे और हो सके तो डॉक्टर से परामर्स जरूर ले और अपनी पति से कहे किसी प्रकार का सुरक्षा कवच का प्रयोग न करे क्योकि सुरक्षा कवच से आप माँ नहीं बन पाएगी आप अपने आप को तनाव मुक्त रखे और फिट रहे नहीं तो गर्भपात होने का भी खतरा बना रहता है

    गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण

    • हैवी ब्रेस्ट यह एक समानया लक्षण है आपको बता दे ब्रेस्ट के ऊतक होर्मोन्स के प्रति बहुत संवेदनशील होती है इसलिए महिला के स्तनो के आंकर मे बदलाव आना शुरू हो जाता है | प्रेग्नेट होने के पहले, एक दो हफ्ते पहले के दौरान महिला के ब्रेस्ट मे सूजन आ जाती है | इस कारण महिला के ब्रेस्ट साइज़ बड़े दिखाई पड़ते है साथ ही स्तन मुलायम हो जाते है | तो आपको इस तरह का लक्षण दिखाई पड़े तो आप प्रेग्नेंसी टेस्ट करवा सकते है
    • जल्दी जल्दी टॉयलेट जाना - प्रेग्नेट महिला के होर्मोन परिवर्तन के कारण उनके किडनियों मे खून का बहाव काफी तेजी से होने लगता है | इस कारण Bladder [ मूत्राशह ] मे जल्दी यूरिन भर जाता है | इस कारण महिला को बार बार पेशाब करने जाना पड़ता है | यह क्रिया शुरुवात मे तो देखि जाती है साथ ही जैसे जैसे समय बढ़ता है यूरिन भी वैसे वैसे बढ़ता जाएगा |
    • सिर दर्द - प्रेग्नेंसी कब होती है उसके लक्षणो को पहचानना काफी जरूरी होता है और प्रेंग्नेंसी के लक्षण मे एक लक्षण होर्मोंस मे बदलाव के कारण सिर दर्द होना | गर्भवस्था के दौरान कुछ औरतों को सिर दर्द के लक्षण दिखाइ पड़ते है
    • कब्ज की शिकायत होना होर्मोन्स मे बदलाव के कारण महिला के पाचन क्रिया पर असर दिखाई देता है मतलब पाचन क्रिया धीमा हो जाती है इस कारण कब्ज की समस्या बनी रहती है और ऐसा महावारी आने के ठीक पहले भी कई बार होता है यह गैस की समस्या प्रेग्नेंसी के 1st week मे आती है साथ ही यह क्रिया पूरे 9 महीने तक चलती है
    • शरीर का तापमान और मूड - गर्भवती महिला का तापमान सामान्य तापमान से अधिक बना रहता है साथ ही प्रेग्नेंट महिला के स्वभाव मे काफी बदलाव देखने को मिलता है जैसे - कभी कोई चीज अच्छी लगने लगती है तो कभी कोई चीज बुरी | यह भी गर्भधारण के लक्षण मे पाया जाता है 
    • मासिक धर्म यानि पीरियड आना बंद हो जाना - यह गर्भवस्था के सामान्य लक्षण है जब भी महिला के गर्भ मे बच्चा बनता है तो अगला पीरियड रुक जाएगा मतलब नहीं आएगा
    • निपल का रंग - क्या आपको आपके निपल कुछ अलग दिख रहे हैं? गर्भावस्था के दौरान होने वाले हॉमोर्नल चेंज से melanocytes प्रभावित होती हैं. यानी इसका प्रभाव उन कोशिकाओं पर पड़ता है जो निपल के रंग के लिए उत्तरदायी होती हैं. गर्भ धारण करने पर निपल का रंग गहरा हो जाता है
    • मितली या उल्टी आना जैसे लगना - गर्भवस्था की शुरुवात होने पर सुबह उठती महिला को कमजोरी जैसा महसूस होता है और अगर कुछ खा पी ले तो उल्टी आने जैसा महसूस होता है