एनजीओ क्या है के नाम उद्देश्य जाने

    एनजीओ क्या होता है ? एक ऐसी संस्था या संगठन जो समाज में सामाजिक कल्याण का कार्य करता हो उसे हम एनजीओ के नाम से जानते है. NGO की शुरुवात कोई भी व्यक्ति कर सकता है लेकिन संगठन यानी समूह का होना जरुरी होता है.

    यदि व्यक्तियों का समूह या समुदाय कोई सामाजिक सुधार या कल्याण का काम करना चाहता है तो वो रजिस्टर या बिना रजिस्टर किये स्वयं सेवी संस्था के द्वारा इस कार्य को कर सकता हैं. रजिस्टर्ड एनजीओ से समाज सेवी कार्य करने पर आप सरकार और अनुदानदाता संगठन से आर्थिक सहायता ले सकते हैं. यदि कोई समाज सेवी संस्था आर्थिक सहायता न लेना चाहे तो वह सामजिक कल्याण का कार्य बिना रजिस्टर्ड किये भी कर सकता हैं.

    ngo kya hota hai

    एनजीओ के उद्देश्य क्या होते है ?

    • महिलाओं के सर्वागीण विकास हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षण लघु ग्राम उद्योग, गृह उद्योग की स्थापना करना एवं स्वयं सहायता समूह का गठन करना। 
    • संस्था द्वारा गरीब अविवाहित युवतियों के विवाह सम्पन्न करने के लिए हर सम्भव प्रयास करना। 
    • समय पर गरीब बच्चो और गरीबों को निःशुल्क भोजन करवाने व निःशुल्क वस्त्र वितरण का प्रयास करना तथा शिक्षा व चिकित्सा में उनकी सहायता हेतु हर सम्भव मदद करना । 
    • दहेज, छुआछुत, मद्यपान, दहेज प्रथा, निरक्षरता, बाल विवाह, बधुआ मजदूरी, वैश्यावृति सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध जनजागरण एवं निवारण करना। 
    • बाल मजदूर को मजदूरी से छुटकारा दिलाना तथा उन्हें स्वावलम्बी बनाने के लिए शिक्षण की व्यवस्था कर एक समृद्ध समाज बनाने का प्रयास करना तथा बेटी बचाओं बेटी बढ़ाओं के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना तथा उनकी हर सम्भव मदद करना। 
    • फिल्माकंन निर्देशांकन, लेखांकन, नृत्यागंन सामाजिक स्तर का सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचार करना एवं करवाना।
    • बालक/बालिकाआंे के विकास एवं उत्थान हेतु गायन, नृत्य तथा अभिनय का शिक्षण-प्रशिक्षण देना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमांे का आयोजन करना। 
    • कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने हेतु जनता को जागरुक करने का प्रयास करना। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्य करना तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करना। 
    • समाज के विभिन्न वर्गो से निष्कासित तलाकशुदा, वृद्ध, विधवा निराश्रित महिलाओं, बालक/बालिकाओं के रख-रखाव एवं देख-रेख निःशुल्क शिक्षण-प्रशिक्षण, पुनर्वास की व्यवस्था संबंधित कल्याणकारी विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना। 
    • राष्ट्रीय विकास एवं समाज सेवा कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग देना जैसे-परिवार कल्याण, महिला शिक्षा, वृक्षारोपण, साक्षरता मिशन विकलांग कल्याण, पोलियों अभियान, परिवार नियोजन, जनसंख्या नियंत्रण, प्रौढ़ शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करना

    भारत के प्रमुख एनजीओ के नाम

    • देवी अहल्याबाई स्मारक समिति नागपुर – यह भारत की वनवासी लड़कियों के लिए नि:शुल्क छात्रावास है। एक प्री-नर्सरी स्कूल, होम्योपैथिक और आयुर्वैदिक चिकित्सा व्यवस्था के अलावा स्वदेशी वस्तु भंड़ार भी चलाया जा रहा है।
    • संघमित्रा सेवा प्रतिष्ठान, नागपुर -- श्री शक्तिपीठ - नागपुर, भारतीय स्त्रीजीवन विकास परिषद - ठाणे, गृहिणी विधाल – माहिम एवं उज्जवल मंडल कल्याण माहिम और कल्याण के केंद्रों में वनवासी महिलाओं को नर्सिंग का फ्री प्रशिक्षिण दिया जाता है। अनेक वनवासी बहनें यहां से प्रशिक्षिण लेकर आज अनेक अस्पतालों में नर्स हैं। इनमें से कई अपने गांवों में वापस जाकर रोगियों की फ्री सेवा करती हैं 
    • छतीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की अनाथ बालिकाओं के लिए नि:शुल्क छात्रावास और पढ़ाई की व्यवस्था समिति व्यापक स्तर पर करती है
    • तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान बिलासपुर कुष्ठरोगियों की स्वस्थ बालिकाओं के लिए बिलासपुर के छात्रावास में विशेष व्यवस्था की गयी है। जहां इनके माता-पिता का इलाज कराया जाता है और प्रतिष्ठान की ओर से इन्हें जीवन की उम्मीद भरी राह दिखायी जाती है
    • यशस्विनी कन्या छात्रावास रायपुर यशस्विनी कन्या छात्रावास, रायपुर में नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों की लड़कियों को जीवन की नयी आशा दी गयी। वैसी लड़कियां जो अपने माता-पिता को खो चुकी हैं, वो लड़कियां नए सिरे से अपना जीवन शुरू कर चुकी हैं
    • मध्यप्रदेश के जबलपुर में शिशु ज्ञान मंदिर में छात्र-छात्राओं को नाममात्र की फीस में पहली कक्षा से दसवीं तक उंच एवं अच्छी शिक्षा दी जा रही है