डेयरी फार्म का बिजनस कैसे चालू करें

    डेयरी फार्म बिज़नस आपके लिए एक अच्छा बिज़नस साबित हो सकता है क्योकि दूध एक ऐसा पेय पदार्थ है जिसकी डिमांड इंडिया के लगभग सभी घरो मे होती है तो अगर आप दूध का प्रॉडक्शन सही प्लानिंग एंव डाइरेक्शन के साथ करते है तो यह बिज़नस आपके लिए काफी बेहतरीन हो सकता है | तो आगे पढे डेयरी फार्म का बिजनस कैसे चालू करें जिनको अपने काम पर भरोसा होता हैं, वो नौकरी करते है जिनको अपने आप पर भरोसा होता हैं, वो व्यापार करते है

    dairy farm business kaise shuru kare

    डेयरी फार्म का बिजनस कैसे चालू करें ?

    यह बिज़नस आप 5 से 10 गाय या भैंस रखकर शुरू किया जा सकता है | लेकिन डेयरी खोलने के लिए जरूरी है गाय भैंसों के लिए खुली जगह एंव ठंड के मौसम मे ठंड से बचाने के लिए जानवरो के लंबाई एंव चोड़ाई के हिसाब से घर जिसमे हवा का आवागमन होता रहे

    गाय या भैंस का आहार या भोजन 
    अगर बढ़िया दूध का उत्पादन करना है तो जानवरो को सही एंव निश्चित सामी पर भोजन देना जरूरी है | इन जानवरो को निम्न तरह का भोजन करवाया जाता है रोजाना खली मे मिला चारा दो समय देना जरूरी है बरसीम बाजरा ज्वार दूध का उत्पादन अधिक हो इसके लिए बिनौले का प्रयोग किया जाता है | इस बात का ख्याल रखे जानवरो का आहार साफ सुथरा दिया जाना चाहिए जिससे जानवर आहार का लुफ्ट खूब मन लगाकर ले पाए | जानवरो के बढ़िया स्वास्थ के लिए 32 लीटर पानी पिलाना चाहिए

    डेयरी फार्म कैसे बनाएं की बनावट

    डेयरी पालन मे दूध देने वाली दुधारू जानवरो को पाला जाता है जैसे - गाय भैंस एंव बकरी प्रमुख है | गाय एंव भैंस से कम दूध बकरी का होता है | विदेशी किस्म की गाय एंव भैंस अधिक मात्रा मे दूध देती है | हिंदुस्तान मे 32 प्रकार की गाय पायी जाती है | गायों की प्रजतियो को 3 रूप मे ड्रोड ब्रीड, डेयरी ब्रीड एंव डयूअल परपज ब्रीड 
    • ड्रोड ब्रीड शक्ति के मामले मे अधिक ताकतवर होती है इसलिए इन्हे बैलगाड़ी या हल के साथ काम मे लिया जाता है
    • डेयरी ब्रीड का प्रयोग केवल दूध उत्पादन के लिए ही प्रयोग मे लिया जाता है |
    • डयूअल परपज ब्रीड अधिकतर घरो मे मिल जाते है जबकि इन्हे किसान अपनी जीविका चलाने के लिए रखते है
    गाय की प्रजातीया
    अगर आप डेयरी खोलने के लिए सोच रहे है तो आपको बता दे डेयरी मे पालने योग्य गाय की प्रजातीय निम्न है |
    • पहला रेड सिन्धी
    • दूसरा साहिवाल 
    • तीसरा गिर
    यह गाय की वह प्रजाति है जो सबसे ज्यादा दूध देती है लेकिन इन नसलों के बारे मे डेयरी पालन करने वाले को कम जानकारी होती है | इनके अलावा जरसी, ब्राउन स्विर हॉलस्टन और अयरशायर भी प्रमुख हैं। जरसी, मूलत: अमेरिका में पाई जाती है, हॉलस्टन हॉलैंड में और ब्राउन स्विट्जरलैंड में पाई जाती है |

    भैंस की प्रजातीया -
    भारत मे 3 प्रकार की भैंस आपको मिलेगी जिनके नाम मुरहा, मेहसना और सुरति है |
    • मुरहा भैसों के प्रमुख बीड मनाई जाती है | इन्हे आप हरियाणा एंव पंजाब मे अधिकतर पाया गया है |
    • मेहसना मिक्सब्रीड प्रजाति है जिन्हे गुजरात तथा महराष्ट्र मे देखा जा सकता है | यह भैंस 1200 से 3500 लीटर दूध 1 महीने मे देती है |
    • सुरति इनमें छोटी नस्ल की भैंस है। यह खड़े सींगों वाली भैंस है। यह नस्ल भी गुजरात में पाई जाती है। यह एक महीने में 1600 से 1800 लीटर दूध देती है
    जानवरो का रख रखाव एंव बचाव
    डेयरी पालन करने वाले को चाहिए की वह अपने जानवरो के रहने वाले स्थान की साफ सफाई का ख्याल रखे एंव कुछ दर्द निवारक दवाई भी अपने पास रखे | जिससे जरूरत पड़ने पर जानवरो को दिया जा सके | पशुओ मे चिकनपाक्स, पैर एंव मुह की बीमारी होना आम समस्या है इसलिए समय समय पशु चिकित्सक से सलाह लेते रहना चाहिए |

    डेयरी बिज़नस के ऋण सहायता
    सरकारी एंव गैरसरकारी संस्थाए डेयरी बिज़नस करने वाले को प्रोत्साहन मे 10 लाख रुपए तक की धनराशि ऋण के तौर पर देती है | ऋण लेने के लिए डेयरी खोलने वाले मालिक को एनसीओ, एसडीएम प्रमाणपत्र, बिजली का बिल, पहचान पत्र एंव डेयरी का फोटो इत्यादि जमा करना होता है |

    यह सभी डोक्यूमेंट सबमिट करने के बाद ऑफिसर वेरिफिकेशन करता है एंव ऑफिसर के संतुष्ट हो जाने पर डेयरी के मालिक को पशु की संख्या के हिसाब से 5 से 10 लाख रुपए तक की राशि दी जाती है |

    एक निश्चित के सीमा के बाद किस्तों को भरना पड़ता है अगर डेयरी मालिक किस्तों का भुगतान नियमित रूप से करता है तो कुछ किस्त माफ भी कर दिए जाते है.