फोन पर हैलो बोलने की शुरुवात कैसे हुई इतिहास

    फोन पर "हैलो" बोलने की शुरुवात कहाँ से हुयी जानिए ज्यादा फोन मोबाइल यूजर्स रिसीव करते ही ‘हैलो’ बोलते है। क्या कभी सोचा है कि फोन उठाते ही सबसे पहले आप -हम  हैलो क्यों बोलते हैं? या फिर हैलो के अलावा और कुछ क्यों नहीं कहते। अब ये मत कहना कि जब से फोन आया है तब से लोग हैलो ही कहते हैं। अगर नहीं जानते तो जानिए क्यों फोन पर बात करते समय सबसे पहला शब्द हैलो कहा जाता है

    hello bolne ki shuruaat

    फोन पर हैलो बोलने की शुरुवात कैसे हुई इतिहास

    कहा जाता है कि फोन का अविष्कार करने वाले  वैज्ञानिक ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड का बेल की गर्लफ्रेंड का पूरा नाम था मारग्रेट हैलो। बताया जाता है कि ग्राहम बेल अपनी गर्लफ्रेंड को हेलो कहकर बुलाया करते थे। जब उन्होंने फोन का अविष्कार किया तो पहला शब्द अपनी गर्लफ्रेंड के नाम पर लिया उसके बाद इस शब्द का इस्तेमाल लोग भी करने लगे

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    ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार हैलो शब्द पुराने जर्मन शब्द हाला, होला से बना है, जिसका इस्तेमाल नाविक करते थे। ये शब्द पुराने फ्रांसीसी या जर्मन शब्द ‘होला’ से निकला है। इसका मतलब होता है ‘कैसे हो’ यानी, हाल कैसा है जनाब का? अंग्रेज़ कवि चॉसर के ज़माने में यानी 1300 के बाद ये शब्द हालो बन चुका था इसके दो सौ साल बाद यानी शेक्सपियर के ज़माने में हालू  बन गया फिर ये शिकारियों और मल्लाहों के इस्तेमाल से कुछ और बदला और हालवा, हालूवा,होलो बना

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    वैसे फोन पर हेलो बोलने की एक और कहानी है। कहा जाता है कि जब टेलीफोन का आविष्कार हुआ तो शुरुआत में लोग फोन पर पूछा करते थे ‘आर यू देयर?’ तब उन्हें यह विश्वास नहीं था कि उनकी आवाज दूसरी ओर पहुंच रही है

    लेकिन अमेरिकी आविष्कारक टॉमस एडीसन को इतना लंबा वाक्य पसंद नहीं था। उन्होंने जब पहली बार फोन किया तो उन्हें उन्होंने कहा, हेलो

    माना जाता है कि 1877 में टॉमस एडीसन ने पीट्सबर्ग की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट एंड प्रिंटिंग टेलीग्राफ कंपनी के अध्यक्ष टीबीए स्मिथ को लिखा कि टेलीफोन पर स्वागत शब्द के रूप में हैलो का इस्तेमाल करना चाहिए। उनकी सलाह को सभी ने मान लिया। उन दिनों टेलीफोन एक्सचेंज में काम करने वाली ऑपरेटरों को ‘हेलो गर्ल्स’ कहा जाता था